भावों को शब्द रूप

17 Posts

84 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 11009 postid : 35

सोसिअल नेटवोर्किंग और नेता- "करना पड़ता है ....."

  • SocialTwist Tell-a-Friend

इन दिनों सोसिअल (सामाजिक) नेटवोर्किंग का नशा सभी पर चढा हुआ है |भई हम भी उसी में शामिल हैं |अब बरसात आएगी तो मेढक तो पैदा होंगे ही ,लेकिन हम शुरुवाती दिनों के मेढक है|हाल ही में उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव हुए और निकाय चुनाव होने जा रहे हैं ,शायद ही कोई उम्मीदवार ऐसा हो जिसने फेसबुक पर अपना खाता न खोला हो |ऐसे ही कुछ कथित मान्यवरों से मैंने भी पूछ लिया ,अचानक ये क्यूँ ??क्या आप इसको खुद संचालित करते हैं, लोगो के प्रश्नों का खुद ही जवाब देते हैं ?उनमे से कुछ नेता ,नहीं नहीं राजनीतिज्ञों ने मुखर होके बताया अरे शुक्ला जी “राजनीतिज्ञों का ईमानदार दिखना जरूरी है ,ईमानदार होना नहीं ” उसी तरीके से सोसिअल नेटवोर्किंग पर होना जरूरी है ,उसको संचालित करना आना जरूरी नहीं |
फिर अचानक मुझको याद आया कि एक माननीय के फेसबुक पर उन्ही की पार्टी के नेता जी का कार्टून लगा था |मैंने पूछा क्या ये उन्होंने ही लगाया है तो उन्होंने कहा कि अब आपतो जानते ही हो हम दसवीं भी पास नहीं कर पाए हम क्या चलाएंगे ये कंप्यूटर- सम्पयूटर,एक लड़के से कह दिया था कि कभी कभी देख लिया करना उसने ही लगाई होंगी|हमने भी मौका देख कर एक राय दे डाली क्यूँ ना आप एक लड़के को इसका काम सौप दे और उसको कुछ मेहनताना भी दे दिया करे |मैंने सोचा चलो इसी बहाने राजनीतिज्ञ महोदय किसी का तो भला करेंगे |
कुछ राजनीतिज्ञों को सोसिअल नेटवोर्किंग का फायदा तो पता है लेकिन नुकसान नहीं |सोसिअल नेटवोर्किंग का ही असर है कि राजनीतिज्ञों और सरकार की सारी गलत और सही बातें जंगल की आग की तरह या कह ले की किसी के प्रेम प्रसंग की तरह फैलती हैं |जैसा की अभी कुछ दिन पहले हुआ जब एक महाशय की सी.डी. की खबर समाचारों में तो नहीं आई लेकिन सोसिअल नेटवोर्किंग के माध्यम से पहुच गई लोगो तक और फिर बाबा रामदेव और अन्ना हजारे के संदेशों का भी प्रसार सोसिअल नेटवोर्किंग की ही देन है |
मेरा तो ये मानना है अगर ये राजनीतिज्ञ खुद ही संचालित करने लगे फेसबुक तो कुछ तो जनमानस का दर्द और समस्यांए इनको पता चलेंगी |
जिस देश में सबसे जादा युवा वोटर हो वहाँ सोसिअल नेटवोर्किंग का प्रयोग” करना पड़ता है” |लेकिन अच्छा ये होता कि सबसे जादा युवा वोटर के साथ साथ सबसे जादा फेसबुक प्रयोग करने की सुविधाओं से युक्त लोग भी भारत में ही होते |



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

6 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
June 4, 2012

मेरा तो ये मानना है अगर ये राजनीतिज्ञ खुद ही संचालित करने लगे फेसबुक तो कुछ तो जनमानस का दर्द और समस्यांए इनको पता चलेंगी | श्री सत्यव्रत जी , सदर नमस्कार ! मैं इस बात को यूँ कहना चाहता हूँ की हमारे राजनीतिज्ञों को सब कुछ पता होता है , वो कहीं चन्द्रमा से या मंगल गृह से उतर कर नहीं आये हैं , बस उनको समस्याएं सुलझाने में रूचि नहीं होती ! अगर समस्याएं ख़त्म हो जाएँगी तो वो कल फिर आपसे किस बात के लिए वोट मांगेंगे और आप उन्हें क्यूँ वोट देंगे ?

    satyavrat shukla के द्वारा
    June 4, 2012

    सारस्वत जी नमस्कार , मैं आपकी इस बात से पूर्णतः सहमत हूँ |आपने जो कहा है कुछ वैसा ही है क्यूंकि ये भी तो उसी समाज में रहते हैं जहाँ हम सब |

nishamittal के द्वारा
June 3, 2012

मनोरंजन और जनता की चिंता में मनोरंजन ही टी करना है उनको .सही कहा आपने

    satyavrat shukla के द्वारा
    June 4, 2012

    निशा जी सही कह रही है आप ……राजनीतिज्ञों अगर सोसिअल नेट्वोर्किंग का प्रयोग जनता की सुध लेने में करें तो बहुत ही उचित होगा |

anoop pandey के द्वारा
June 2, 2012

सत्यव्रत जी नमस्कार, सच है की नेता नगरी की फेसबुक वाल वो खुद नहीं खोलते. कमेन्ट का जवाब वो नहीं देने वाले. गैंडे को गुल गुली नहीं होती……

    satyavrat shukla के द्वारा
    June 2, 2012

    पाण्डेय जी सही कह रहे हैं आप .|आलोचना और समालोचना दोनो ही नेताओं को पसंद नहीं है |


topic of the week



latest from jagran